सात दिवसीय रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

सात दिवसीय रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव में छात्राओं के लिए सात दिवसीय “रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन प्राचार्या डॉ. सुचित्रा गुप्ता के निर्देशन, वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. एस. के. उके के मार्गदर्शन तथा रोजगार मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं नांदी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं में रोजगारपरक कौशल, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल एवं प्रभावी प्रस्तुतीकरण क्षमता विकसित करना रहा।
कार्यक्रम का संचालन पूजा कुमारी ने किया। नांदी फाउंडेशन से अनीशा तिवारी विषय विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथि अनीशा तिवारी के स्वागत से हुई। इसके पश्चात विभागाध्यक्ष डॉ. एस. के. उके ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा प्रो. सुमन कोचर ने कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी दी।
कार्यशाला के प्रथम दिवस छात्राओं का पंजीयन एवं परिचय कराया गया। उन्हें अपनी व्यक्तिगत योग्यताओं और खूबियों को प्रभावी एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया गया। आगे के सत्रों में जीवन-वृत्त (Resume) तैयार करने, रुचियों की पहचान तथा वीडियो के माध्यम से स्वयं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के तरीके समझाए गए।
कार्यशाला में लक्ष्य निर्धारण पर भी विस्तार से चर्चा की गई। छात्राओं को अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक लक्ष्यों के साथ SMART Goal की अवधारणा समझाई गई। इसके अंतर्गत Specific, Measurable, Achievable, Realistic एवं Time-bound के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही संचार के सात सिद्धांत एवं धन प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की गई।
आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से समूह चर्चा का आयोजन किया गया। छात्राओं को पाँच समूहों में विभाजित कर अलग-अलग विषय दिए गए। समूहों ने चर्चा के बाद अपने विचार सभी के समक्ष प्रस्तुत किए। इस गतिविधि के माध्यम से टीमवर्क, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं प्रस्तुतीकरण कौशल विकसित करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्या डॉ. सुचित्रा गुप्ता ने छात्राओं का उत्साहवर्धन एवं मार्गदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एम.कॉम. की छात्रा माही जैन एवं विभा को प्रशस्ति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यशाला के समापन अवसर पर सुमन कोचर ने आभार व्यक्त करते हुए सभी अतिथियों, आयोजकों, सहयोगियों एवं छात्राओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। सात दिवसीय यह कार्यशाला छात्राओं के व्यक्तित्व विकास एवं रोजगारपरक कौशलों के विकास की दिशा में उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक पहल साबित हुई।
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