
✍️ रमेश निवल बालू
✍️ महेश शर्मा
राजनांदगांव।
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को करियर गाइडेंस देने और जेईई, नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराने जिला स्तर पर ऑनलाइन क्लास की शुरुआत की गई है। शनिवार को पहले दिन जिले के 152 स्कूलों के 1,270 शिक्षक और 15,151 विद्यार्थी इस पहल से जुड़े।
ऑनलाइन क्लास के माध्यम से कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को पढ़ाई, करियर चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और भविष्य की संभावनाओं के संबंध में जानकारी दी जाएगी। इस दौरान कलेक्टर जितेंद्र यादव और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) प्रवास सिंह बघेल ने विद्यार्थियों की क्लास लेकर उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
पहली ऑनलाइन क्लास में कलेक्टर जितेंद्र यादव ने कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूली जीवन के ये दो वर्ष भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दौरान की गई मेहनत और अनुशासित पढ़ाई विद्यार्थियों को जीवन में बेहतर मुकाम तक पहुंचा सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि वर्तमान समय के साथ आने वाले तीन वर्षों में की गई मेहनत भी उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कलेक्टर ने लक्ष्य आधारित अध्ययन पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य तय करना चाहिए। लक्ष्य निर्धारित करने के बाद उसे प्राप्त करने के लिए नियमित अध्ययन, समय का सही उपयोग और निरंतर प्रयास जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने तथा अपने भविष्य को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करने की सीख दी।
विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए कलेक्टर ने देश के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि रामेश्वरम में एक साधारण परिवार में जन्मे डॉ. कलाम ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश-दुनिया में पहचान बनाई।
उन्होंने बचपन में अखबार बेचकर परिवार की मदद की और पढ़ाई के प्रति अपनी रुचि बनाए रखी। अखबार पढ़ने की आदत से उन्हें देश-दुनिया की घटनाओं और समसामयिक विषयों की जानकारी मिलती थी।
कलेक्टर ने बताया कि डॉ. कलाम का सपना फाइटर पायलट बनने का था। उन्होंने इसके लिए प्रयास किया, लेकिन चयन नहीं हो पाया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने जीवन में आगे बढ़ते रहे। बाद में उन्होंने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया तथा देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचे।
इस उदाहरण के माध्यम से विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि जीवन में किसी एक परीक्षा या प्रयास में असफलता मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सफलता के रास्ते बंद हो गए। निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और सही दिशा में किए गए प्रयास से नई संभावनाओं के द्वार खुलते हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने स्वयं ऑनलाइन क्लास लेकर विद्यार्थियों को करियर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने आसपास के जिलों में उच्च पदों पर कार्यरत अधिकारियों के उदाहरण देते हुए बताया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी क्षमताओं को पहचानें, जिज्ञासु बनें और विषयों को समझने के लिए सवाल पूछने में संकोच न करें। पढ़ाई के दौरान किसी विषय में कठिनाई आने पर उसका समाधान खोजने का प्रयास करें। जिज्ञासा और सीखने की इच्छा ही आगे बढ़ने में मदद करती है।
डीईओ ने कहा कि कई बार विद्यार्थियों को यह स्पष्ट नहीं होता कि 11वीं और 12वीं के बाद किस क्षेत्र में जाना चाहिए, कौन-सा विषय चुनना चाहिए और अपने पसंदीदा करियर के लिए किस प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करनी होगी। ऐसे में उन्हें सही समय पर मार्गदर्शन मिलना आवश्यक है। ऑनलाइन क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों को इन सवालों के जवाब देने और करियर चयन में मदद करने का प्रयास किया जाएगा।
ऑनलाइन क्लास में विद्यार्थियों को उनकी रुचि और योग्यता के अनुरूप विभिन्न करियर विकल्पों से परिचित कराया जाएगा। इसमें गणित और जीव विज्ञान विषयों के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों के साथ जेईई, नीट जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी की जानकारी भी दी जाएगी।
इसके अलावा डिफेंस, रेलवे, बैंकिंग सहित अन्य क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए आवश्यक परीक्षाओं, शैक्षणिक योग्यताओं और तैयारी की प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा। विद्यार्थियों को रोजगार, स्वरोजगार और व्यवसाय के विकल्पों से भी अवगत कराया जाएगा, ताकि वे अपनी रुचि के अनुसार भविष्य की योजना बना सकें।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने और उपलब्ध अवसरों का सही चुनाव करने के लिए तैयार करना है।
जिले में शुरू की गई इस ऑनलाइन क्लास में प्रत्येक शनिवार और रविवार को सुबह 8 से 9 बजे तक विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया जाएगा। एक घंटे की इन कक्षाओं में विषय विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों के माध्यम से करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं से संबंधित जानकारी साझा की जाएगी।
प्रत्येक सप्ताह कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को इन सत्रों से जोड़ने की योजना है। पहले ही दिन 152 स्कूलों के 1,270 शिक्षकों और 15,151 विद्यार्थियों की भागीदारी से इस पहल की शुरुआत हुई।
नियमित ऑनलाइन मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को समय रहते सही करियर चुनने, लक्ष्य निर्धारित करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक दिशा प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।
Publisher: प्रधान संपादक: रमेश निवल (बालू) प्रधान संपादक एवं मुद्रक: महेश शर्मा दुर्ग संभाग प्रभारी: नागेश यदु (रक्तवीर)
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