गड्ढों में समा रही हैं जानें, फिर भी सरकार और प्रशासन की नींद नहीं खुल रही: निखिल द्विवेदी राजनांदगांव-डोंगरगांव मार्ग पर खुले गड्ढों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, चक्काजाम कर जताया विरोध

गड्ढों में समा रही हैं जानें, फिर भी सरकार और प्रशासन की नींद नहीं खुल रही: निखिल द्विवेदी
राजनांदगांव-डोंगरगांव मार्ग पर खुले गड्ढों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, चक्काजाम कर जताया विरोध
राजनांदगांव रमेश निवल बालू / महेश शर्मा राजनांदगांव से डोंगरगांव जाने वाली सड़क पर चल रहे नाली निर्माण के दौरान जगह-जगह करीब 10 फीट गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। इन गड्ढों के कारण आम लोगों और ग्रामीणों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण लंबे समय से इन गड्ढों को सुरक्षित करने और सड़क किनारे पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन लगातार शिकायत और मांग के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

फरहद चौक क्षेत्र में इसी लापरवाही के बीच माखन लाल हिरवानी के गड्ढे में गिरने से मौत की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम कर अपना विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों की मांग है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही फरहद चौक और आसपास के क्षेत्र में हाई-मास्ट लाइट लगाई जाए तथा सड़क और नाली निर्माण के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
ठाकुर राम साहू ने कहा कि लगातार परेशानी के बावजूद ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां भी बढ़ी हैं और रात के समय अंधेरे तथा खुले गड्ढों के कारण लोगों की परेशानी और खतरा दोनों बढ़ गया है।

निखिल द्विवेदी ने कहा कि रमन सिंह का क्षेत्र आज गड्ढों से पटा पड़ा है। सड़कें और निर्माण स्थल लोगों के लिए परेशानी और जान का खतरा बन गए हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर प्रशासन तब तक क्यों नहीं जागता, जब तक किसी की जान न चली जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बड़ी-बड़ी बातें करने में आगे है, लेकिन जमीन पर जनता की सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था दिखाई नहीं देती। जिस सड़क और निर्माण कार्य में लोगों की जान सुरक्षित नहीं है, उस विकास का क्या मतलब है?
निखिल द्विवेदी ने कहा कि विधायक रमन सिंह और सांसद संतोष पांडे को जनता को जवाब देना चाहिए कि खुले और गहरे गड्ढों को बिना सुरक्षा व्यवस्था के क्यों छोड़ा गया। मृतक के परिवार को उचित मुआवजा कब मिलेगा? फरहद चौक में हाई-मास्ट लाइट कब लगेगी और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी?
उन्होंने कहा कि सरकार को अब केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि जमीन पर कार्रवाई करनी होगी। लोगों की जान जाने के बाद जागने वाली व्यवस्था को बदलना होगा।
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