
✍️ रमेश निवल बालू
✍️ महेश शर्मा
राजनांदगांव।
मानव सेवा और जनकल्याण के लिए अंचल सहित देशभर में पहचान बना चुकी बर्फानी सेवाश्रम समिति द्वारा संचालित मां पाताल भैरवी राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी दश महाविद्या द्वादश ज्योतिर्लिंग शिव शक्ति सिद्धपीठ, बर्फानी आश्रम में शारदीय क्वांर नवरात्रि का शुभारंभ 11 अक्टूबर से हुआ। राष्ट्रीय संत श्री श्री 1011 योगाधिराज ब्रह्मर्षि बर्फानी दादा जी के आशीर्वाद से संचालित इस सिद्धपीठ में माता की ज्योत सहित कुल 2395 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं।
नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन माता और अन्य देवी-देवताओं की विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती की जा रही है। अंचल सहित देशभर से हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच रहे हैं।
शारदीय क्वांर नवरात्रि की प्रतिपदा, 11 अक्टूबर रविवार को दोपहर 11:50 से 12:36 बजे के बीच शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना की गई। विद्वान आचार्य कृष्णकांत त्रिपाठी एवं अन्य पंडितों ने विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया।
मुख्य यजमान गणेश प्रसाद शर्मा, श्रीमती आरती शर्मा एवं अन्य सदस्यों ने गौरी-गणेश, नवग्रह स्थापना और गुरु पूजन किया। इसके बाद मां पाताल भैरवी, भगवान भोलेनाथ, स्फटिक शिवलिंग, हनुमान जी महाराज, भैरव बाबा सहित अन्य देवी-देवताओं का दूध, दही, गंगाजल, शुद्ध जल, शक्कर, शहद, घी, अष्टगंध एवं सुगंधित द्रव्यों से अभिषेक किया गया।
पूजन के पश्चात भगवान भोलेनाथ, मां पाताल भैरवी, मां काली और दस महाविद्याओं की आरती संस्था के अध्यक्ष एवं लोकगीत गायक राजेश मारु सहित श्रद्धालुओं ने की।
मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ में गौरी-गणेश स्थापना के बाद मंत्रोच्चार के बीच माई ज्योत और गुरु ज्योत प्रज्ज्वलित की गई। सिद्धपीठ परिसर में कुल 2395 ज्योति कलश स्थापित किए गए हैं।
संस्था के सचिव गणेश प्रसाद शर्मा ‘गन्नू’ के अनुसार, अंचल और देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं ने भी मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित करवाए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका के बोस्टन शहर, जर्मनी, कनाडा, दुबई और बैंकॉक सहित अन्य स्थानों के श्रद्धालु शामिल हैं।
यह सहभागिता मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और जुड़ाव को दर्शाती है।
बर्फानी आश्रम स्थित मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ में 15 अक्टूबर, गुरुवार को शारदीय क्वांर शुक्ल पक्ष पंचमी के अवसर पर भगवान गणेश, हनुमान जी, मां पाताल भैरवी, मां राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी, दस महाविद्याओं, भगवान भोलेनाथ, भैरव बाबा सहित समस्त देवी-देवताओं का विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
वहीं, 18 अक्टूबर रविवार को शाम 6 बजे से श्रीयंत्र आधारित यज्ञशाला में महाअष्टमी हवन होगा। इसके बाद 19 अक्टूबर सोमवार को दुर्गानवमी उत्सव और ज्योति कलश विसर्जन का आयोजन किया जाएगा।
दुर्गानवमी के अवसर पर 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजे कुंवारी कन्या भोज, 11 बजे माता की महाआरती और दोपहर 12 बजे दुर्गानवमी उत्सव आयोजित होगा। दोपहर 12:15 बजे माई ज्योत विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 1 बजे से श्रद्धालुओं के मनोकामना ज्योति कलशों का विसर्जन किया जाएगा।
नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन रात 8 बजे से 9:30 बजे तक माता की विशेष संध्या आरती एवं पूजन किया जा रहा है। इसमें संस्था के अध्यक्ष राजेश मारु, उपाध्यक्ष दीपक जोशी, सचिव गणेश प्रसाद शर्मा ‘गन्नू’, कोषाध्यक्ष नीलम जैन, महंत गोविंद दास, महेन्द्र लुनिया, आलोक जोशी, सूरज जोशी, कुलबीर छाबड़ा, लीलाधर सिंह, बलविंदर सिंह भाटिया, संतोष खंडेलवाल, संजय खंडेलवाल, कमलेश सिमनकर, हर्ष कुमार बिंदु, सत्यम शर्मा, योगेन्द्र पांडे, मनीष परमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
शारदीय नवरात्रि के अवसर पर मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ में पूजा-अर्चना, ज्योति कलश स्थापना और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
Publisher: प्रधान संपादक: रमेश निवल (बालू) प्रधान संपादक एवं मुद्रक: महेश शर्मा दुर्ग संभाग प्रभारी: नागेश यदु (रक्तवीर)
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